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Jagra Fair 2026: Upper Himachal Pradesh में 13-14 सितंबर को मनाया जाएगा महासू देवता जी का पवित्र उत्सव
शिमला, 20 अगस्त 2026 — हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों (शिमला, किन्नौर और सिरमौर) में मनाया जाने वाला पारंपरिक जagra (जagra/Jagra) मेला इस साल 13-14 सितंबर 2026 को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। यह मेला स्थानीय ग्राम देवताओं, विशेषकर महासू देवता को समर्पित है और सितंबर महीने के चौथे दिन (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के आसपास) मनाया जाता है।
कब और कहाँ होता है Jagra Fair 2026?
- तारीख: 13-14 सितंबर 2026 (सोमवार-मंगलवार)
- मुख्य स्थान:
- समय: सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक (मुख्य अनुष्ठान)
Jagra Fair में क्या-क्या होता है?
Jagra Fair एक धार्मिक और सांस्कृतिक मेला है जो ग्राम देवताओं की पूजा, भक्ति गीतों और पारंपरिक नृत्यों से भरा होता है।
मुख्य कार्यक्रम:
- महासू देवता की पूजा-अर्चना
- Birsu गीत और भजन
- पारंपरिक नृत्य
- स्थानीय बाजार और मेला
- सामुदायिक भोज (भंडारा)
धर्म और देवी-देवता: Jagra Fair की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि
Jagra Fair हिमाचल प्रदेश की देवी-देवता पूजा परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जहाँ स्थानीय ग्राम देवताओं को सर्वोच्च शक्ति माना जाता है। https://utsav.gov.in/
मुख्य देवता:
- महासू देवता (Botha Mahasu)
- ग्राम देवियाँ (स्थानीय देवियाँ)
- प्रत्येक गाँव की अपनी ग्राम देवी होती है, जिन्हें Jagra के दौरान विशेष पूजा मिलती है।
- देवियों को शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- अन्य देवी-देवता
Jagra Fair कैसे मनाया जाता है? (परंपरा और अनुष्ठान)
Jagra Fair का आयोजन ग्राम पंचायत और स्थानीय पुजारी (पुजारी/गुर्जर) द्वारा किया जाता है। https://shimlakhabar.com/
चरण-दर-चरण प्रक्रिया:
- तैयारी (मेले से एक सप्ताह पहले)
- पहला दिन (13 सितंबर)
- दूसरा दिन (14 सितंबर)
2026 में Jagra Fair का विशेष महत्व
- कोरोना के बाद पूर्ण उत्साह: 2020-21 के बाद यह मेला फिर से पूर्ण धूमधाम से मनाया जा रहा है।
- पर्यटन विभाग का सहयोग: हिमाचल पर्यटन विभाग ने मेले को बढ़ावा देने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
- उत्तराखंड से भक्तों की भागीदारी: हनोल (उत्तराखंड) में होने वाले Jagra Fair में हिमाचल के भक्त बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
Jagra Fair 2026: मुख्य जानकारी (सारांश)
निष्कर्ष
Jagra Fair 2026 हिमाचल प्रदेश की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह मेला न केवल देवताओं की पूजा का अवसर है, बल्कि स्थानीय समुदायों को एकजुट करने और पारंपरिक कलाओं को संरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि आप 2026 में हिमाचल की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो 13-14 सितंबर को Jagra Fair में शामिल होकर इस अनोखे अनुभव का हिस्सा जरूर बनें।













