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हिमाचल में बारिश से मिलेगी राहत, 28-29 अगस्त को फिर लौटेगा मानसून: जानें 6 दिन का मौसम अपडेट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार चल रही बारिश और आंधी-बिजली के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 24 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। हालांकि, यह राहत अस्थायी है, क्योंकि 28 और 29 अगस्त को मानसून फिर सक्रिय होने और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश लौटने का अनुमान है।
24 अगस्त: बारिश की रफ्तार में कमी
मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अगस्त को प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है, जबकि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
खास बात यह है कि 24 अगस्त के लिए मौसम विभाग ने जिला स्तर पर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। 23 अगस्त के मुकाबले मौसम की गंभीरता कम रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
25 से 27 अगस्त: छिटपुट हल्की बारिश का दौर
अगले तीन दिनों यानी 25, 26 और 27 अगस्त को प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। इन दिनों कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसका मतलब है कि पूरे प्रदेश में लगातार बारिश के बजाय स्थानीय स्तर पर बारिश देखने को मिल सकती है।
यह अवधि उन लोगों के लिए राहत का समय हो सकता है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों से जूझना पड़ा है। हालांकि, संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि पहले से हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन और कीचड़ खिसकने का खतरा बना रह सकता है।
28-29 अगस्त: मानसून फिर होगा सक्रिय
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 28 और 29 अगस्त को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। खासकर मध्य और ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बारिश का दौर फिर सक्रिय हो सकता है।
इसका मतलब है कि हिमाचल प्रदेश में मानसून का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अगस्त के अंत में फिर से बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को अपने योजनाओं को इसी अनुसार बनाना चाहिए।
23 अगस्त के बाद क्यों महत्वपूर्ण है मौसम?
23 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, कीचड़ खिसकने, अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई थी। https://shimlakhabar.com/
भारी बारिश के दौरान नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा पहाड़ी सड़कों पर फिसलन से वाहन चालकों को परेशानी होने की चेतावनी भी दी गई थी। अब बारिश की तीव्रता कम होने से तत्काल मौसम संबंधी खतरा घटने की संभावना है, लेकिन पहले से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। https://www.accuweather.com/
तापमान में भी होगा बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान में अगले 24 घंटे के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
इसके बाद अगले 4-5 दिनों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है। इसका मतलब है कि मौसम में थोड़ी गर्मी महसूस हो सकती है, लेकिन यह मानसून के प्रभाव में रहने वाले प्रदेश के लिए सामान्य बात है।
अगले 6 दिनों का मौसम एक नजर में
24 अगस्त: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश।
25 अगस्त: एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश।
26 अगस्त: एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश।
27 अगस्त: एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश।
28 अगस्त: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश।
29 अगस्त: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग की इस रिपोर्ट के आधार पर, यात्रियों और स्थानीय लोगों को निम्नलिखित सलाह दी जा रही है:
- 24 से 27 अगस्त के बीच यात्रा करने वालों के लिए मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा, लेकिन हल्की बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए रेनकोट या छाता साथ रखें।
- 28-29 अगस्त को फिर से बारिश की संभावना होने के कारण, यदि आप इन दिनों पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने कार्यक्रम को लचीला रखें।
- संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और कीचड़ खिसकने के खतरे से सावधान रहना चाहिए, खासकर यदि उनके इलाके में पहले से भारी बारिश हो चुकी है।
- वाहन चालकों को पहाड़ी सड़कों पर फिसलन से बचने के लिए सावधानी से गाड़ी चलानी चाहिए और आवश्यकतानुसार ही यात्रा करें।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश में मौसम का यह चक्र दिखाता है कि मानसून का प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 24 से 27 अगस्त तक मिलने वाली राहत के बाद, 28-29 अगस्त को फिर से बारिश की संभावना है। ऐसे में लोगों को अपने दैनिक कार्यक्रम और यात्रा योजनाओं को इसी अनुसार बनाना चाहिए और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।













