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भारी बारिश और भूस्खलन से हिमाचल प्रदेश में हाहाकार: 167 सड़कें बंद, 130 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त, 23 अगस्त तक ऑरेंज-यलो अलर्ट
शिमला, 20 अगस्त 2026 — हिमाचल प्रदेश में मानसून की मेहरबान नहीं हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 20 से 22 अगस्त तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद 23 अगस्त तक ऑरेंज और यलो अलर्ट लागू है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण 167 सड़कें बंद और 130 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त हो गए हैं, जबकि कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप है।
मौसम का हाल: 20-22 अगस्त तक भारी बारिश, 23 के बाद राहत
IMD के अनुसार, 20 से 22 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।
अलर्ट स्थिति:
- 20 अगस्त: कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर, ऊना और हमीरपुर में यलो अलर्ट
- 21 अगस्त: ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में मध्यम बारिश की संभावना
- 22 अगस्त: बारिश की गतिविधि कम होगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी
- 23 अगस्त के बाद: कोई गंभीर मौसम चेतावनी नहीं, मानसून कमजोर रहेगा
मौसम विभाग के अधिकारी सुशील कुमार कटियार ने कहा, “23 अगस्त के बाद राज्य के लिए कोई मौसम चेतावनी नहीं है। मानसून कमजोर रहेगा, हालांकि अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। अगले 45 दिनों तक गंभीर मौसम की कोई संभावना नहीं है।“
सड़कें और राजमार्ग: 167 सड़कें बंद, NH-21 और NH-5 प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश की सड़कें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। 259 सड़कें, जिनमें चंडीगढ़-मनाली फोर-लेन हाईवे के कुछ हिस्से शामिल हैं, बाधित हो गई हैं।
प्रमुख बंद सड़कें:
- NH-21 (मंडी-कुल्लू):
- मंडी से पंडोह तक बंद
- ऑट से बनला के बीच पत्थर गिरने के कारण बंद
- मंडी-कुल्लू via कटौला भूस्खलन के कारण बंद
- NH-5 (शिमला-चंडीगढ़):
- परवाणू के पास भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यातायात बाधित
- सोलन-शिमला खंड पर कई जगहों पर मलबा हटाने का काम जारी
- अन्य प्रमुख सड़कें:
- शिमला-कुल्लू रोड: कई जगहों पर भूस्खलन
- धर्मशाला-मनाली रोड: कांगड़ा घाटी में बाढ़ के कारण बंद
- चंबा-पांगी रोड: भारी बारिश के कारण अस्थायी रूप से बंद
कुल्लू पुलिस ने ट्वीट कर कहा, “NH-21 मंडी से पंडोह तक और ऑट से बनला के बीच 7 मील के पास पत्थर गिरने के कारण बंद है। मंडी-कुल्लू via कटौला भूस्खलन के कारण बंद है। सुरक्षित ड्राइव करें, सावधान रहें।“
बिजली आपूर्ति: 130 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त, कई क्षेत्रों में अंधेरा
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 130 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त हो गए हैं, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित है। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड (HPSEB) की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम में देरी हो रही है।
प्रभावित क्षेत्र:
- शिमला जिला: 35 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त
- मंडी जिला: 28 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त
- कुल्लू जिला: 22 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त
- कांगड़ा जिला: 25 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त
- अन्य जिले: 20 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त
HPSEB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारी टीमें 24×7 काम कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण मरम्मत कार्य में चुनौतियां आ रही हैं। 23 अगस्त के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है, तब तक धैर्य बनाए रखें।“
तापमान और आर्द्रता: सामान्य से थोड़ा कम, नमी का स्तर उच्च
राज्य में तापमान सामान्य से थोड़ा कम दर्ज किया जा रहा है, जबकि आर्द्रता का स्तर 85-95% के बीच बना हुआ है।
प्रमुख शहरों का तापमान (20 अगस्त):
- शिमला: अधिकतम 24.5°C, न्यूनतम 17.1°C
- मनाली: अधिकतम 26.8°C, न्यूनतम 14.2°C
- धर्मशाला: अधिकतम 28°C, न्यूनतम 20.5°C
- सोलन: अधिकतम 26.5°C, न्यूनतम 19.8°C
- कांगड़ा: अधिकतम 30.6°C, न्यूनतम 22.4°C
- ऊना: अधिकतम 31.4°C, न्यूनतम 24.1°C
- कुफरी: अधिकतम 19°C, न्यूनतम 12.5°C
- कल्पा: अधिकतम 21.7°C, न्यूनतम 14.3°C
- नाहन: अधिकतम 27.8°C, न्यूनतम 20.2°C
- केलांग: अधिकतम 21.7°C, न्यूनतम 11.8°C
- चंबा: अधिकतम 27.9°C, न्यूनतम 19.5°C
पर्यटन प्रभाव: मनाली, शिमला, धर्मशाला में पर्यटकों की संख्या में कमी
भारी बारिश और सड़कें बंद होने के कारण हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। मनाली, शिमला और धर्मशाला में होटल और रिजॉर्ट खाली दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई पर्यटक अपने गंतव्य तक पहुंचने में असमर्थ हैं। https://shimlakhabar.com/
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के एक अधिकारी ने कहा, “हम पर्यटकों से अपील करते हैं कि वे 23 अगस्त तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करें। सड़कें बंद हैं और मौसम खराब है। 24 अगस्त के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है, तब योजना बनाएं।“
सरकारी कार्रवाई: आपदा प्रबंधन टीम तैनात, राहत कार्य जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अपील:
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत कार्य तेज करें और प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता प्रदान करें।“
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना प्रशासन को सार्वजनिक कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश रुकने के बाद तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके। https://www.accuweather.com/
आगे का अनुमान: 24 अगस्त से मौसम में सुधार की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, 24 अगस्त से हिमाचल प्रदेश में मौसम में सुधार की उम्मीद है। बारिश की गतिविधि कम होगी और सड़कें धीरे-धीरे खुलने लगेंगी। हालांकि, संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रहेगा, इसलिए नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यात्रियों के लिए सलाह:
- 23 अगस्त तक पहाड़ी यात्रा न करें
- सड़क स्थिति की जांच करें: हिमाचल पुलिस और परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपडेट देखें
- आपातकालीन नंबर: 112 (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल), 1077 (हिमाचल आपदा प्रबंधन)
- मौसम अपडेट: IMD की वेबसाइट या ऐप पर नजर रखें
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश में 20-22 अगस्त तक की भारी बारिश ने राज्य की जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। 167 सड़कें बंद, 130 ट्रांसफॉर्मर ध्वस्त और हजारों नागरिक प्रभावित हैं। हालांकि, 23 अगस्त के बाद मौसम में सुधार की उम्मीद है, लेकिन तब तक नागरिकों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।













