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हिमाचल प्रदेश के लिए शुभ मुहूर्त और राहु मुहूर्त: 11 अगस्त से 17 अगस्त 2026
शिमला। हिमाचल प्रदेश में 11 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक के लिए दैनिक शुभ मुहूर्त और राहु मुहूर्त का विस्तृत विवरण जानें। इस सप्ताह में सावन शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या, सूर्य ग्रहण, स्वतंत्रता दिवस, हरियाली तीज और सावन सोमवार जैसे महत्वपूर्ण दिन आ रहे हैं।
11 अगस्त 2026, मंगलवार – सावन शिवरात्रि
सूर्योदय: सुबह 5:48 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:04 बजे
तिथि: चतुर्दशी कृष्ण पक्ष (01:52 AM, 12 अगस्त तक)
नक्षत्र: पुनर्वसु (10:09 AM तक)
योग: सिद्धि (6:51 PM तक)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
वार: मंगलवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:12 से 5:00 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:43 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:30 से 7:04 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: दोपहर 3:45 से शाम 5:25 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 10:26 से 12:05 बजे तक
विशेष: आज सावन शिवरात्रि और दूसरा मंगला गौरी व्रत है। शिव भक्तों के लिए यह दिन अत्यंत पवित्र है।
12 अगस्त 2026, बुधवार – हरियाली अमावस्या और सूर्य ग्रहण
सूर्योदय: सुबह 5:49 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:03 बजे
तिथि: अमावस्या (हरियाली अमावस्या)
नक्षत्र: पुष्य/आश्लेषा
योग: साध्य
पक्ष: कृष्ण पक्ष
वार: बुधवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:13 से 5:01 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:54 से 12:44 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:29 से 7:03 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक
विशेष: आज हरियाली अमावस्या और सूर्य ग्रहण है। सूर्य ग्रहण के कारण स्नान-दान का विशेष महत्व है। ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
13 अगस्त 2026, गुरुवार – शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय: सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:02 बजे
तिथि: प्रतिपदा शुक्ल पक्ष
नक्षत्र: मघा
योग: शिव
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: गुरुवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:14 से 5:02 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:55 से 12:45 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:28 से 7:02 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 1:30 से 3:00 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक
विशेष: आज से शुक्ल पक्ष शुरू हो रहा है। नए कार्यों के लिए यह समय अनुकूल है।
14 अगस्त 2026, शुक्रवार – द्वितीया तिथि
सूर्योदय: सुबह 5:51 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:01 बजे
तिथि: द्वितीया शुक्ल पक्ष
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी
योग: सिद्ध
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: शुक्रवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:15 से 5:03 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:46 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:27 से 7:01 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक
विशेष: शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
15 अगस्त 2026, शनिवार – स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज
सूर्योदय: सुबह 5:52 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:00 बजे
तिथि: तृतीया शुक्ल पक्ष
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
योग: साध्य
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: शनिवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:16 से 5:04 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:57 से 12:47 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:26 से 7:00 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 3:00 से 4:30 बजे तक
विशेष: आज स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज है। यह दिन राष्ट्रीय और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद खास है।
16 अगस्त 2026, रविवार – सावन विनायक चतुर्थी
सूर्योदय: सुबह 5:53 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:59 बजे
तिथि: चतुर्थी शुक्ल पक्ष
नक्षत्र: हस्त/चित्रा hindi.astroyogi
योग: शिव
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: रविवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 से 5:05 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:58 से 12:48 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:25 से 6:59 बजे तक
- वाहन खरीद शुभ मुहूर्त: शाम 4:52 बजे से 17 अगस्त सुबह 5:52 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: शाम 4:30 से 6:00 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
विशेष: आज सावन विनायक चतुर्थी है। भगवान गणेश की पूजा के लिए यह दिन शुभ है। वाहन खरीदने के लिए भी यह समय अनुकूल है।
17 अगस्त 2026, सोमवार – तीसरा सावन सोमवार और सिंह संक्रांति
सूर्योदय: सुबह 5:54 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:58 बजे
तिथि: पंचमी/षष्ठी शुक्ल पक्ष
नक्षत्र: चित्रा
योग: सिद्ध
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: सोमवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:18 से 5:06 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:49 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:24 से 6:58 बजे तक
- वाहन खरीद शुभ मुहूर्त: सुबह 5:52 बजे से 18 अगस्त सुबह 5:53 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
विशेष: आज तीसरा सावन सोमवार, सिंह संक्रांति और नाग पंचमी है। शिव भक्तों के लिए यह दिन अत्यंत पवित्र है। सूर्य का सिंह राशि में गोचर भी आज होगा। https://shimlakhabar.com/
सप्ताह का सारांश
| दिनांक | वार | तिथि | राहु काल | विशेष |
|---|---|---|---|---|
| 11 अगस्त | मंगलवार | चतुर्दशी | 3:45 PM – 5:25 PM | सावन शिवरात्रि |
| 12 अगस्त | बुधवार | अमावस्या | 12:00 PM – 1:30 PM | हरियाली अमावस्या, सूर्य ग्रहण |
| 13 अगस्त | गुरुवार | प्रतिपदा | 1:30 AM – 3:00 AM | शुक्ल पक्ष आरंभ |
| 14 अगस्त | शुक्रवार | द्वितीया | 10:30 AM – 12:00 PM | – |
| 15 अगस्त | शनिवार | तृतीया | 9:00 AM – 10:30 AM | स्वतंत्रता दिवस, हरियाली तीज |
| 16 अगस्त | रविवार | चतुर्थी | 4:30 PM – 6:00 PM | सावन विनायक चतुर्थी |
| 17 अगस्त | सोमवार | पंचमी/षष्ठी | 7:30 AM – 9:00 AM | तीसरा सावन सोमवार, सिंह संक्रांति |
हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष नोट
- समय में भिन्नता: हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों (शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर) में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय थोड़ा भिन्न हो सकता है। ऊंचाई और अक्षांश के अनुसार समय में 5-10 मिनट का अंतर हो सकता है।
- पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष ध्यान: ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों (लाहौल-स्पीति, किन्नौर) में सूर्योदय देर से और सूर्यास्त जल्दी हो सकता है। इसलिए राहु काल और शुभ मुहूर्त का समय स्थानीय पंचांग के अनुसार देखें।
- मानसून प्रभाव: 11 अगस्त तक हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट है, इसलिए बाहर के शुभ कार्यों की योजना बनाते समय मौसम का ध्यान रखें।
- ग्रहण काल: 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के कारण स्नान-दान का विशेष महत्व है, लेकिन ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष
11 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक का यह सप्ताह हिमाचल प्रदेश में आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सावन शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या, सूर्य ग्रहण, स्वतंत्रता दिवस, हरियाली तीज, सावन विनायक चतुर्थी और तीसरा सावन सोमवार जैसे पवित्र दिन इस सप्ताह में आते हैं।
शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता प्रदान करते हैं, जबकि राहु काल में शुभ कार्य टालने से नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है। अपने शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार सटीक मुहूर्त जानने के लिए स्थानीय पंचांग या मुहूर्त कैलकुलेटर का उपयोग करें।













