हिमाचल में अचानक बदला मौसम: बारिश, ओलावृष्टि और बर्फ के बीच ठंड की मार

हिमाचल प्रदेश इस बार मार्च के अंत में भी अपनी पुरानी ठंडक की याद दिला रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रोहतांग दर्रा, धर्मशाला के धौलाधार, किन्नौर और छितकुल में बर्फबारी हुई, वहीं मध्यम और निचले इलाकों में शिमला, धर्मशाला और सुंदरनगर में बारिश ने ठंड बढ़ा दी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने स्पष्ट किया कि यह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण है, और अगले कुछ दिनों तक मौसम में और बदलाव की संभावना बनी रहेगी।

ऑरेंज और येलो अलर्ट

  • कुल्लू, मंडी और शिमला: ओलावृष्टि और आंधी का ऑरेंज अलर्ट।
  • ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा: तेज हवाओं का येलो अलर्ट।

इसका मतलब है कि सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि तेज हवाओं और बारिश के कारण यात्रा और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकते हैं। पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें और गर्म कपड़े, छाता या रेनकोट साथ रखें।

बर्फबारी का हाल

  • कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले की ऊंची चोटियों पर सुबह से दोपहर तक बर्फबारी हुई।
  • रोहतांग दर्रा: 20 सेंटीमीटर, कोकसर: 3 सेंटीमीटर, शिकुंला और कुंजुम पास: 15 सेंटीमीटर, बारालाचा: 20 सेंटीमीटर।
  • शिंकुला टॉप और अन्य उच्च मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद रही।
  • वैकल्पिक मार्ग मनाली-दारचा-कारगयाक-पदम से लेह तक बहाल, जिससे क्षेत्रवासियों और पर्यटकों को राहत मिली।

तापमान में गिरावट

  • शिमला: 14.2°C (-5.0°C)
  • सुंदरनगर: 22.3°C (-4.9°C)
  • धर्मशाला: 22.0°C (-3.0°C)
  • मनाली: 15.5°C (-4.7°C)
  • नेरी: 26.8°C (-1.6°C)

इस गिरावट के साथ, ठंड का अहसास और बढ़ गया है। लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने और आग के पास बैठने की जरूरत महसूस हो रही है।

किसानों और फसलों पर असर
मौसम की यह अचानक करवट किसानों के लिए चिंता का सबब बन गई है।

  • गेहूं और अन्य रबी फसलें झुक गई हैं, जिससे उत्पादन घटने का खतरा।
  • सेब और नाशपाती की फ्लावरिंग पर बारिश और ओलावृष्टि का असर।
  • तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुईं।

धर्मशाला में तेज हवाओं और लगातार बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया, जिससे किसानों को गेहूं और फलदार फसलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

चंबा और भरमौर का हाल
चंबा में अचानक भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। शहर में लोग दुकानों की ओट लेकर भीगने से बचते नजर आए। भरमौर चोक में पानी के तालाब के कारण हाइवे पर वाहन और पैदल आवाजाही मुश्किल हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई, लेकिन तेज हवाओं और ठंड ने उन्हें चुनौती दी।

पर्यटकों और सुरक्षा के लिए चेतावनी
सोलंग बैरियर से आगे वाहनों की अनुमति रोक दी गई है। पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम अपडेट देखें और सुरक्षित मार्ग चुनें। इस मौसम का मज़ा लेने वाले लोग हिमाचल की बर्फीली चोटियों और बारिश की अद्भुत तस्वीरों का अनुभव कर सकते हैं, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।

निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश का यह मौसम दर्शाता है कि प्राकृतिक बदलाव कभी भी अप्रत्याशित होते हैं। बर्फ, बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश को रोमांच और चुनौती दोनों के बीच रखा है। चाहे आप पर्यटक हों या किसान, इस मौसम में सुरक्षा और तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है।

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