हिमाचल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

हिमाचल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

हिमाचल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कुल्लू को कार्यवाहक डीसी, 5 IAS अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां

हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार कुल्लू जिले में स्थायी उपायुक्त की नियुक्ति होने तक एचपीएएस अधिकारी सुरजीत सिंह को कार्यवाहक डीसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को उद्योग, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन, ऊर्जा, एचआरटीसी और डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं।

सरकार के ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक ओर कुल्लू जैसे संवेदनशील और पर्यटन की दृष्टि से अहम जिले में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर कई प्रमुख विभागों में कामकाज को गति देने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।

सुरजीत सिंह को कुल्लू डीसी का प्रभार

सरकार ने 2012 बैच के एचपीएएस अधिकारी सुरजीत सिंह को कुल्लू के उपायुक्त का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। सुरजीत सिंह वर्तमान में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विकास-सह-परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण यानी डीआरडीए कुल्लू के पद पर कार्यरत हैं। अब वे अपने मौजूदा पद के साथ अगले आदेशों तक उपायुक्त कुल्लू की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

कुल्लू जिला प्रशासन के लिए यह नियुक्ति इसलिए अहम है, क्योंकि जिले में पर्यटन, सड़क, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, ग्रामीण विकास और पर्यावरण से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दे लगातार सामने आते रहते हैं। मानसून के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध और बाढ़ जैसी चुनौतियां भी जिले के प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। ऐसे समय में कार्यवाहक डीसी की नियुक्ति से प्रशासनिक फैसलों और रोजमर्रा के कामकाज में रुकावट नहीं आएगी।

पांच आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां

सरकार के आदेश के अनुसार पांच आईएएस अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों के साथ अतिरिक्त विभागीय जिम्मेदारियां दी गई हैं। विभागवार जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं:

अधिकारीअतिरिक्त जिम्मेदारी
आदित्य नेगीउद्योग निदेशक
कमल कांत सरोचपर्यटन एवं नागरिक उड्डयन निदेशक
शुभ करण सिंहऊर्जा निदेशक
शिवम प्रताप सिंहएचआरटीसी प्रबंध निदेशक
अभिषेक वर्माडिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस निदेशक

इन नियुक्तियों का उद्देश्य विभागों में नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखना और लंबित प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाना माना जा रहा है। सभी अधिकारी अपने मौजूदा पदों के साथ अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

उद्योग विभाग पर बढ़ा फोकस

आदित्य नेगी को उद्योग निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक निवेश, स्थानीय रोजगार, छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने तथा निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने में उद्योग विभाग की अहम भूमिका है। https://shimlakhabar.com/

नई जिम्मेदारी के साथ विभाग से उम्मीद की जा रही है कि निवेश से जुड़े प्रस्तावों, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और कारोबारियों की समस्याओं पर तेजी से काम होगा। हिमाचल में पर्यटन के अलावा औद्योगिक क्षेत्र भी रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत है, इसलिए उद्योग विभाग में प्रभावी प्रशासन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक माना जाता है।

पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग

कमल कांत सरोच को पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शिमला, मनाली, कुल्लू, धर्मशाला, किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

बारिश, भूस्खलन और सड़क अवरोध के मौजूदा दौर में पर्यटन विभाग के सामने पर्यटकों की सुरक्षा, सड़क संपर्क, होटल उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को सुचारु रखने की चुनौती है। नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी को पर्यटन नीति, प्रचार, अधोसंरचना और हवाई संपर्क से जुड़े मामलों पर भी ध्यान देना होगा। https://www.amarujala.com/himachal-pradesh

ऊर्जा विभाग में नई जिम्मेदारी

शुभ करण सिंह को ऊर्जा निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। हिमाचल प्रदेश जलविद्युत क्षमता के लिए जाना जाता है, लेकिन बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, परियोजनाओं की मंजूरी और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े विषय लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

मानसून में बिजली की लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और वितरण व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ जाता है। राज्य में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे समय में ऊर्जा विभाग को आपूर्ति बहाली, आपदा प्रबंधन और बिजली परियोजनाओं की निगरानी से जुड़े कार्यों पर तेजी से काम करना होगा।

एचआरटीसी को मिलेगा प्रशासनिक नेतृत्व

शिवम प्रताप सिंह को हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एचआरटीसी राज्य की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ है और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को बस सेवा उपलब्ध कराने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कों के बंद होने से एचआरटीसी की सेवाएं अक्सर प्रभावित होती हैं। ऐसे में नए अतिरिक्त प्रभार के सामने बस रूटों की बहाली, यात्रियों की सुरक्षा, निगम की वित्तीय स्थिति और समय पर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने की चुनौती रहेगी।

डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा

अभिषेक वर्मा को डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। राज्य सरकार विभिन्न विभागों की सेवाओं को ऑनलाइन करने, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

इस विभाग की जिम्मेदारी में ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल रिकॉर्ड, ई-ऑफिस, डेटा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की निगरानी जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। अतिरिक्त प्रभार मिलने से डिजिटल परियोजनाओं को गति देने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की उम्मीद है।

फेरबदल की पृष्ठभूमि

यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार पिछले कुछ सप्ताह में कई बड़े तबादले और नई नियुक्तियां कर चुकी है। जुलाई में भी हिमाचल सरकार ने बड़ी संख्या में आईएएस और एचएएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इन बदलावों के तहत सचिव स्तर से लेकर जिला प्रशासन और उपमंडल स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया था।

कुल्लू को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले का भी उल्लेख किया गया है। कुछ समाचार रिपोर्ट्स ने इसे कसोल से जुड़े मामले में न्यायिक निर्देशों के बाद हुई कार्रवाई से जोड़ा है, हालांकि मौजूदा आदेश का तत्काल प्रभाव प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना है।

प्रशासन पर क्या असर पड़ेगा

इस फेरबदल का सबसे तत्काल असर यह होगा कि महत्वपूर्ण पद खाली नहीं रहेंगे और विभागीय कामकाज जारी रहेगा। अतिरिक्त प्रभार देने से सरकार को स्थायी नियुक्ति तक प्रशासनिक शून्य से बचने में मदद मिलती है। हालांकि अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ेगा, इसलिए विभागों के बीच समन्वय और प्राथमिकताओं का निर्धारण महत्वपूर्ण रहेगा।

कुल्लू में कार्यवाहक डीसी की नियुक्ति से विकास कार्य, आपदा प्रबंधन, राजस्व मामले, पर्यटन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े निर्णयों में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं आईएएस अधिकारियों को दिए गए अतिरिक्त प्रभार से राज्य सरकार के प्रमुख विभागों में नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिल सकती है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर हिमाचल सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य की तत्काल प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सुरजीत सिंह को कुल्लू का कार्यवाहक उपायुक्त बनाकर जिले में प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित की गई है, जबकि पांच आईएएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा, परिवहन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विभाग सीधे राज्य के विकास, रोजगार, जनसेवा और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हैं। अब इन अधिकारियों के सामने चुनौती होगी कि वे अतिरिक्त जिम्मेदारियों के साथ लंबित कार्यों को गति दें और प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जन-केंद्रित बनाएं।

Leave a Comment