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21 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक हिमाचल प्रदेश (शिमला) के लिए दैनिक शुभ मुहूर्त और राहु मुहूर्त
हिमाचल प्रदेश में 21 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक का सप्ताह धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जिसमें वरलक्ष्मी व्रत, पवित्रा एकादशी और सावन पूर्णिमा (रक्षाबंधन की पूर्व संध्या) जैसे पर्व आते हैं। नीचे दिए गए समय शिमला के सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर हैं; ऊंचाई और अक्षांश के अनुसार अन्य जिलों में 5–10 मिनट का अंतर हो सकता है।
21 अगस्त 2026, शुक्रवार – वरलक्ष्मी व्रत (श्रावण शुक्ल नवमी)
- सूर्योदय: सुबह 5:53 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:03 बजे
- तिथि: नवमी शुक्ल पक्ष (रात 11:36 बजे तक)
- नक्षत्र: अनुराधा (दोपहर 11:52 बजे तक), फिर ज्येष्ठा
- योग: वैधृति / विष्कम्भ
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: शुक्रवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 से 5:05 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 से 1:07 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:29 से 7:03 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 10:46 से 12:24 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक (अनुमानित, वार के अनुसार)
विशेष: आज वरलक्ष्मी व्रत है; विवाहित महिलाएं सुहाग और धन-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं।
22 अगस्त 2026, शनिवार – श्रावण शुक्ल दशमी
- सूर्योदय: सुबह 5:54 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:02 बजे
- तिथि: दशमी शुक्ल पक्ष (रात 12:00 बजे तक)
- नक्षत्र: ज्येष्ठा (दोपहर 2:49 बजे तक), फिर मूल
- योग: वैधृति / विष्कम्भ
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: शनिवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:18 से 5:06 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 1:08 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:28 से 7:02 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 9:31 से 11:07 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 2:18 से 3:54 बजे तक
विशेष: बैंक अवकाश (चौथा शनिवार); नित्य पूजा-पाठ के लिए दिन सामान्यतः शुभ है।
23 अगस्त 2026, रविवार – पवित्रा एकादशी (श्रावण शुक्ल एकादशी)
- सूर्योदय: सुबह 5:55 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:01 बजे
- तिथि: एकादशी शुक्ल पक्ष (रात 2:00 बजे तक प्रारंभ)
- नक्षत्र: मूल (शाम 5:44 बजे तक), फिर पूर्वाषाढ़ा
- योग: विष्कम्भ / प्रीति
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: रविवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 से 5:07 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 1:08 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:27 से 7:01 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: शाम 5:29 से 7:04 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 12:42 से 2:18 बजे तक
विशेष: पवित्रा एकादशी का व्रत; भगवान विष्णु की पूजा और उपवास का विशेष महत्व है। https://shimlakhabar.com/
24 अगस्त 2026, सोमवार – श्रावण शुक्ल द्वादशी
- सूर्योदय: सुबह 5:56 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:00 बजे
- तिथि: द्वादशी शुक्ल पक्ष (सुबह 4:18 बजे तक), फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (रात 8:28 बजे तक), फिर उत्तराषाढ़ा
- योग: प्रीति / आयुष्मान
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: सोमवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 से 5:07 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 1:08 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:26 से 7:00 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: सुबह 7:56 से 9:32 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 11:07 से 12:42 बजे तक
विशेष: सावन का सोमवार; शिवलिंग पर जल अर्पण और बेलपत्र चढ़ाना शुभ है।astroyogi
25 अगस्त 2026, मंगलवार – श्रावण कृष्ण द्वादशी (द्वादशी समाप्त सुबह 6:20 बजे)
- सूर्योदय: सुबह 5:57 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:59 बजे
- तिथि: द्वादशी कृष्ण पक्ष (सुबह 6:20 बजे तक), फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (रात 10:51 बजे तक), फिर श्रवण
- योग: आयुष्मान / सौभाग्य
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- वार: मंगलवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:20 से 5:08 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 1:07 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:25 से 6:59 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: शाम 3:52 से 5:27 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 9:32 से 11:07 बजे तक
विशेष: मंगलवार गौरी व्रत (तृतीय मंगला गौरी) के लिए अनुकूल दिन।
26 अगस्त 2026, बुधवार – श्रावण शुक्ल त्रयोदशी (प्रदोष व्रत)
- सूर्योदय: सुबह 5:58 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:58 बजे
- तिथि: त्रयोदशी शुक्ल पक्ष (सुबह 7:59 बजे तक), फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र: श्रवण
- योग: सौभाग्य / शोभन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: बुधवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:20 से 5:08 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 से 1:07 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:24 से 6:58 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: दोपहर 12:42 से 2:17 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 7:57 से 9:32 बजे तक
विशेष: प्रदोष व्रत; शाम को शिव पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
27 अगस्त 2026, गुरुवार – सावन पूर्णिमा (पूर्णिमा प्रारंभ सुबह 9:08 बजे)
- सूर्योदय: सुबह 5:59 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:57 बजे
- तिथि: चतुर्दशी (सुबह 9:08 बजे तक), फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र: श्रवण (रात 12:48 बजे तक), फिर धनिष्ठा
- योग: शोभन / अतिगंड
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: गुरुवार
शुभ मुहूर्त:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:21 से 5:09 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 से 1:07 बजे तक
- गोधूलि बेला: शाम 6:23 से 6:57 बजे तक
अशुभ मुहूर्त (राहु काल):
- राहु काल: दोपहर 2:16 से 3:51 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 6:22 से 7:57 बजे तक
विशेष: सावन पूर्णिमा का प्रारंभ; स्नान-दान और लक्ष्मी पूजा के लिए उत्तम। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त सुबह 9:47 बजे तक रहेगी।
सप्ताह का सारांश (21–27 अगस्त 2026)
| दिनांक | वार | तिथि | राहु काल | विशेष |
|---|---|---|---|---|
| 21 अगस्त | शुक्रवार | नवमी (शुक्ल) | 10:46 AM – 12:24 PM | वरलक्ष्मी व्रत |
| 22 अगस्त | शनिवार | दशमी (शुक्ल) | 9:31 AM – 11:07 AM | बैंक अवकाश |
| 23 अगस्त | रविवार | एकादशी (शुक्ल) | 5:29 PM – 7:04 PM | पवित्रा एकादशी |
| 24 अगस्त | सोमवार | द्वादशी/त्रयोदशी | 7:56 AM – 9:32 AM | सावन सोमवार |
| 25 अगस्त | मंगलवार | द्वादशी (कृष्ण) | 3:52 PM – 5:27 PM | मंगला गौरी व्रत |
| 26 अगस्त | बुधवार | त्रयोदशी/चतुर्दशी | 12:42 PM – 2:17 PM | प्रदोष व्रत |
| 27 अगस्त | गुरुवार | चतुर्दशी/पूर्णिमा | 2:16 PM – 3:51 PM | सावन पूर्णिमा प्रारंभ |
5 सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त (घर/संपत्ति खरीद, गृह प्रवेश, शादी, नया व्यवसाय)
अगस्त 2026 में कुछ तिथियां विशेष रूप से संपत्ति खरीद और नए कार्यों के लिए अनुकूल मानी गई हैं। नीचे पांच प्रमुख मुहूर्त दिए गए हैं:
- 20 अगस्त 2026, गुरुवार (श्रावण शुक्ल अष्टमी)
- समय: सुबह 9:08 बजे से रात 9:18 बजे तक
- नक्षत्र: अनुराधा
- उपयोग: घर/संपत्ति खरीद, नया व्यवसाय प्रारंभ, गृह प्रवेश की तैयारी
- 21 अगस्त 2026, शुक्रवार (वरलक्ष्मी व्रत)
- समय: सुबह 5:53 बजे से दोपहर 11:53 बजे तक
- नक्षत्र: अनुराधा
- उपयोग: संपत्ति रजिस्ट्रेशन, धन संबंधी निर्णय, लक्ष्मी पूजा के साथ नया कार्य
- 24 अगस्त 2026, सोमवार (सावन सोमवार)
- समय: दोपहर 12:17 से 1:08 बजे तक (अभिजित मुहूर्त)
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा/उत्तराषाढ़ा
- उपयोग: गृह प्रवेश, पूजा-अर्चना के साथ नया घर शुरू करना
- 26 अगस्त 2026, बुधवार (प्रदोष व्रत)
- समय: दोपहर 12:16 से 1:07 बजे तक (अभिजित मुहूर्त)
- नक्षत्र: श्रवण
- उपयोग: व्यवसाय प्रारंभ, महत्वपूर्ण दस्तावेज साइन करना
- 27 अगस्त 2026, गुरुवार (सावन पूर्णिमा प्रारंभ)
- समय: दोपहर 12:16 से 1:07 बजे तक (अभिजित मुहूर्त)
- नक्षत्र: श्रवण/धनिष्ठा
- उपयोग: गृह प्रवेश, शादी की तारीख फाइनल करना, नया व्यवसाय लॉन्चhindi.news18+1नोट: अगस्त 2026 में विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि नक्षत्र योग प्रतिकूल हैं; शादी की तारीख सितंबर या बाद के महीनों में देखना बेहतर होगा।
हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष नोट
- समय में भिन्नता: शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर जैसे जिलों में सूर्योदय-सूर्यास्त के समय में 5–10 मिनट का अंतर हो सकता है।
- पहाड़ी क्षेत्र: ऊंचे क्षेत्रों (लाहौल-स्पीति, किन्नौर) में सूर्योदय देर से और सूर्यास्त जल्दी हो सकता है; स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
- मानसून प्रभाव: अगस्त के अंत तक हिमाचल में बारिश की संभावना बनी रहती है; बाहरी शुभ कार्यों की योजना बनाते समय मौसम का ध्यान रखें।
- स्थानीय पंचांग: सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर स्थानीय पंचांग या मुहूर्त कैलकुलेटर का उपयोग करें।
निष्कर्ष: 21 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक का सप्ताह हिमाचल प्रदेश में आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वरलक्ष्मी व्रत, पवित्रा एकादशी और सावन पूर्णिमा जैसे पवित्र दिन इस सप्ताह में आते हैं। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता प्रदान करते हैं, जबकि राहु काल में शुभ कार्य टालने से नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है।













