ABVP Dharamshala Protest: 25-30% Fee Hike Ka Virodh, Student Union Election Ki Maang

ABVP Dharamshala Protest: 25-30% Fee Hike Ka Virodh, Student Union Election Ki Maang

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ABVP Dharamshala Protest: 25-30% Fee Hike Ka Virodh, Student Union Election Ki Maang

धर्मशाला, 20 अगस्त 2026 — अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जिला कांगड़ा की ओर से विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय धर्मशाला में विशाल प्रदर्शन किया गया। एबीवीपी ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में 25-30% फीस वृद्धि का विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।


प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा: 25-30% फीस वृद्धि का विरोध

एबीवीपी का कहना है कि फीस वृद्धि से विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने हिमाचल प्रदेश के तीन सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में फीस में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की है, जो छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर रही है।

एबीवीपी की प्रमुख मांगें:

  1. फीस वृद्धि तुरंत वापस ली जाए
  2. छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं
  3. शिक्षण संस्थानों में रिक्त शिक्षक पदों को जल्द भरा जाए
  4. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान दर्ज मामलों को वापस लिया जाए

एबीवीपी के एक कार्यकर्ता ने कहा, “हम छात्र हैं, ग्राहक नहीं। 25-27% फीस वृद्धि हमारे लिए असहनीय है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत वापस लिया जाए।


छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग: लोकतांत्रिक मंच की कमी

एबीवीपी ने प्रदर्शन के दौरान छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग भी प्रमुखता से उठाई। संगठन का कहना है कि छात्र संघ चुनाव लंबे समय से नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का मंच नहीं मिल पा रहा है।

छात्र संघ चुनाव की स्थिति:

  • अंतिम चुनाव: 2015 में हुए थे
  • वर्तमान स्थिति: 11 वर्षों से चुनाव नहीं हुए
  • प्रभाव: छात्रों की आवाज दब गई है, समस्याएं अनसुलझी हैं

एबीवीपी के जिला अध्यक्ष ने कहा, “छात्र संघ चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं। बिना छात्र संघ के, छात्रों की आवाज प्रशासन तक नहीं पहुंच पाती। हमारी मांग है कि तुरंत चुनाव कराए जाएं।


शिक्षक पदों की रिक्ति: शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

एबीवीपी ने प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को जल्द भरने की भी मांग की। संगठन का कहना है कि शिक्षक पदों की रिक्ति के कारण शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।

रिक्त पदों की स्थिति:

  • विश्वविद्यालय स्तर: 40% से अधिक पद रिक्त
  • कॉलेज स्तर: 35% पद रिक्त
  • प्रभाव: कक्षाएं अधर में, परीक्षा परिणाम प्रभावित

एबीवीपी के एक प्रवक्ता ने कहा, “शिक्षक पदों की रिक्ति से छात्रों का भविष्य खतरे में है। हमारी मांग है कि तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।


प्रदर्शन का स्थान और समय: जिला मुख्यालय धर्मशाला

प्रदर्शन गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को जिला मुख्यालय धर्मशाला में किया गया। एबीवीपी के सैकड़ों कार्यकर्ता और छात्र इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शन की झलक:

  • समय: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक
  • स्थान: जिला मुख्यालय, धर्मशाला
  • प्रतिभागी: 500+ छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ता
  • नारे: “फीस वृद्धि वापस लो!”, “छात्र संघ चुनाव बहाल करो!”, “शिक्षा व्यवस्था मजबूत करो!”

अन्य छात्र संगठनों का समर्थन: SFI और CPM भी शामिल

एबीवीपी के प्रदर्शन का स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPM) ने भी समर्थन किया। https://shimlakhabar.com/

SFI और CPM की मांगें:

  • फीस वृद्धि, टैक्स और सेस वापस लो
  • छात्र संघ चुनाव बहाल करो
  • शिक्षा व्यवस्था में सुधार करो

SFI के एक नेता ने कहा, “फीस वृद्धि छात्रों के अधिकारों पर हमला है। हम एबीवीपी के साथ मिलकर इसका विरोध करेंगे।


प्रशासन की प्रतिक्रिया: कोई आधिकारिक बयान नहीं

प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। हालांकि, प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल तैनात किया था।

पुलिस व्यवस्था:

  • तैनाती: 50+ पुलिसकर्मी
  • स्थिति: शांतिपूर्ण, कोई गिरफ्तारी नहीं
  • यातायात: सामान्य, कोई बाधा नहीं

पिछले प्रदर्शन: 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

एबीवीपी ने 10 अगस्त 2026 को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का घेराव भी किया था, जिसके दौरान छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। एबीवीपी ने इन मामलों को वापस लेने की भी मांग की है।

10 अगस्त प्रदर्शन की झलक:

  • स्थान: विधानसभा, शिमला
  • मांगें: फीस वृद्धि वापसी, छात्र संघ चुनाव
  • परिणाम: 20+ छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज

एबीवीपी के एक कार्यकर्ता ने कहा, “10 अगस्त को दर्ज मामलों को वापस लिया जाए। छात्रों पर झूठे मामले बनाकर उन्हें डराया जा रहा है।


विश्वविद्यालय प्रशासन की स्थिति: कोई वार्ता नहीं

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) प्रशासन ने अभी तक एबीवीपी या अन्य छात्र संगठनों के साथ कोई वार्ता नहीं की है। छात्रों का कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है।

HPU प्रशासन की स्थिति:

  • वार्ता: कोई नहीं
  • फीस वृद्धि: 25-30% लागू
  • छात्र संघ चुनाव: कोई घोषणा नहीं

आगे की योजना: आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन ने धरना, हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। https://www.thecockroachjantaparty.org.in/

आगामी कार्यक्रम:

  • 25 अगस्त: धरना प्रदर्शन, धर्मशाला
  • 1 सितंबर: हड़ताल, सभी कॉलेज
  • 5 सितंबर: विधानसभा घेराव, शिमला

एबीवीपी के जिला अध्यक्ष ने कहा, “हमारी मांगें जायज हैं। यदि प्रशासन नहीं सुनता, तो हम आंदोलन तेज करेंगे। छात्रों का सब्र अब टूट रहा है।


निष्कर्ष

धर्मशाला में एबीवीपी का प्रदर्शन फीस वृद्धि, छात्र संघ चुनाव बहाली और शिक्षक पदों की रिक्ति जैसे मुद्दों पर केंद्रित था। छात्रों का कहना है कि 25-30% फीस वृद्धि उनके लिए असहनीय है और इसे तुरंत वापस लिया जाए। प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन एबीवीपी ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

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