स्थान: शिमला, हिमाचल प्रदेश | तारीख: 18 अप्रैल 2026 | लेखक: शिमला खबर डेस्क
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Himachal Ration Update May 2026: APL परिवारों को मई में भी मिलेगा सिर्फ 12 किलो आटा – दालों के दामों में बदलाव, जानें नई दरें
शिमला। Himachal Ration Update May 2026 के अनुसार, प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए एक अहम खबर है। सरकार ने आटे के कोटे में पिछले तीन महीनों से जारी कटौती को मई महीने में भी जारी रखने का फैसला किया है। इसका सीधा असर APL (Above Poverty Line) परिवारों पर पड़ेगा, जिन्हें एक बार फिर कम आटा मिलेगा। वहीं, दालों की कीमतों में भी बड़ा फेरबदल हुआ है – कुछ दालें महंगी हुई हैं तो कुछ सस्ती। Shimla Khabar आपको इस ब्लॉग में राशन से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दे रहा है।
मई में भी कम मिलेगा आटा – APL परिवारों पर बड़ा झटका
| महीना | APL परिवारों को मिला आटा | सामान्य कोटे से कमी |
|---|---|---|
| फरवरी 2026 | 11 किलोग्राम | 24 किलो कम |
| मार्च 2026 | 12 किलोग्राम | 23 किलो कम |
| अप्रैल 2026 | 12 किलोग्राम | 23 किलो कम |
| मई 2026 | 12 किलोग्राम | 23 किलो कम |
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के एक बयान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में आटे (गेहूं) के कोटे में कटौती मई महीने में भी जारी रहेगी। APL परिवारों को यह राहत नहीं मिल पाएगी कि उन्हें पूरा कोटा मिले। पिछले कुछ महीनों का ट्रेंड देखें तो:
अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह कटौती जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसका मतलब है कि लाखों APL परिवारों को मई में भी बाजार से महंगा आटा खरीदना पड़ेगा। प्रदेश में लगभग 17 लाख से अधिक राशन कार्ड हैं, जिनमें से अधिकांश APL श्रेणी में आते हैं।
सामान्य कोटा क्या था?
हिमाचल प्रदेश में APL (Above Poverty Line) परिवारों को सामान्यतः 35 किलोग्राम आटा प्रति यूनिट (परिवार) प्रति माह मिलता था। यह राशन डिपो से सरकारी सब्सिडी पर मिलता था।
चावल का कोटा जस का तस – कोई बदलाव नहीं
जहां आटे के मामले में कटौती जारी है, वहीं चावल की सप्लाई में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने 6 किलोग्राम चावल प्रति यूनिट मिलता रहेगा। चावल के दामों में भी अभी कोई संशोधन नहीं किया गया है।
दालों के दामों में बड़ा उलट-फेर – कौन सस्ती, कौन महंगी?
Himachal Ration Update May 2026 के तहत दालों की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने तीन प्रमुख दालों – उड़द, चना और मसूर – के रेट में संशोधन किया है।
📈 महंगी हुई दालें:
- उड़द दाल: ₹13 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी
- मलका मसूर (मसूर दाल): ₹1 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी
📉 सस्ती हुई दाल:
- चना दाल: ₹11 प्रति किलोग्राम की कमी
विभाग के अनुसार, ये नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं और सभी राशन डिपुओं पर लागू होंगी।
NFSA और APL उपभोक्ताओं के लिए नई दरें (टेबल)
नई दरों को समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें। यहाँ NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) और APL (गरीबी रेखा से ऊपर) दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए प्रति किलोग्राम दरें दी गई हैं:

ध्यान दें: NFSA के तहत आने वाले परिवारों (BPL, अंत्योदय, प्राथमिकता वाले) को ये दरें कम मिलती हैं, जबकि APL परिवारों को थोड़ा अधिक भुगतान करना पड़ता है।
रिफाइंड तेल की सप्लाई अभी नहीं पहुंची
प्रदेश के कई राशन डिपुओं पर अभी भी रिफाइंड तेल की सप्लाई नहीं पहुंची है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सप्लाई के लिए ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं और उम्मीद है कि जल्द ही तेल भी डिपुओं पर उपलब्ध होगा। हालांकि, अभी तक इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
एक नज़र में सभी बदलाव (बुलेट पॉइंट्स)
- ✅ आटा (APL): मई 2026 में भी 12 किलोग्राम प्रति यूनिट (कटौती जारी)
- ✅ चावल (सभी): 6 किलोग्राम प्रति यूनिट (कोई बदलाव नहीं)
- ✅ उड़द दाल: NFSA ₹89, APL ₹94 (₹13 बढ़ी)
- ✅ चना दाल: NFSA ₹61, APL ₹66 (₹11 घटी)
- ✅ मसूर दाल: NFSA ₹67, APL ₹72 (₹1 बढ़ी)
- ⏳ रिफाइंड तेल: अभी डिपुओं पर नहीं, ऑर्डर जारी
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Shimla News)
1. Himachal Ration Update May 2026 – APL परिवारों को मई में कितना आटा मिलेगा?
APL परिवारों को मई 2026 में भी सिर्फ 12 किलोग्राम आटा प्रति यूनिट मिलेगा। सामान्य कोटा 35 किलोग्राम था, जिसमें कटौती जारी है।
2. क्या चावल की मात्रा में कोई बदलाव हुआ है?
नहीं, चावल पहले की तरह 6 किलोग्राम प्रति यूनिट ही मिलेगा। इसमें कोई कटौती या बढ़ोतरी नहीं हुई है।
3. कौन सी दाल महंगी हुई और कितनी?
उड़द दाल ₹13 प्रति किलो और मसूर दाल ₹1 प्रति किलो महंगी हुई है। चना दाल ₹11 प्रति किलो सस्ती हुई है।
4. NFSA और APL में क्या अंतर है?
NFSA के तहत BPL, अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवार आते हैं, जिन्हें कम दरों पर राशन मिलता है। APL परिवारों को थोड़ी अधिक दर देनी पड़ती है।
5. रिफाइंड तेल डिपुओं पर कब मिलेगा?
अभी तक रिफाइंड तेल की सप्लाई नहीं पहुंची है, लेकिन ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही उपलब्ध होने की उम्मीद है। अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए (External Link: हिमाचल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग – External Link) पर जाएँ।
6. क्या APL परिवारों को मई में पूरा आटा मिलने की संभावना है?
अभी सरकार ने कटौती जारी रखने का फैसला किया है, इसलिए मई में पूरा कोटा मिलने की संभावना नहीं है।
Conclusion
Himachal Ration Update May 2026 के तहत APL परिवारों के लिए राहत की कोई खबर नहीं है। आटे की कम आपूर्ति जारी रहेगी, जबकि दालों के दामों में उतार-चढ़ाव ने आम बजट को और चुनौती दी है। उड़द दाल महंगी हुई है, तो चना दाल ने थोड़ी राहत दी है। रिफाइंड तेल की सप्लाई अभी शुरू नहीं हुई है। Shimla Khabar आपको हर छोटे-बड़े अपडेट से अवगत कराता रहेगा।
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सरकार का यह सौतेला व्यवहार जनरल कैटेगरी के लोगों के लिए बहुत निराशाजनक और चिंताजनक है।
आरक्षण के नाम पर तो कई वर्गों को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी में विशेष लाभ मिल रहे हैं, लेकिन जनरल कैटेगरी में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवार पूरी तरह उपेक्षित हैं। जनरल कैटेगरी में होने के कारण इनका आर्थिक शोषण हो रहा है और वे लगातार पिछड़ते जा रहे हैं।
खास बात यह है कि तेल और दाल जैसे जरूरी सामान सरकारी डिपो (राशन की दुकान) और आम बाजार की दुकानों में लगभग एक ही दाम पर मिल रहे हैं। इन पर कोई खास सब्सिडी या राहत जनरल कैटेगरी के सामान्य परिवारों को नहीं मिल रही है।
रोजगार, शिक्षा, सरकारी नौकरियों और आर्थिक सहायता जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी जनरल कैटेगरी के गरीबों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है।
सवाल यह उठता है कि क्या गरीबी और आर्थिक पिछड़ापन सिर्फ जाति के आधार पर ही देखा जाना चाहिए? क्या आर्थिक मदद आर्थिक स्थिति के आधार पर सभी गरीबों को समान रूप से नहीं दी जानी चाहिए?
जनरल कैटेगरी के गरीब भी इंसान हैं। उन्हें भी बराबर का हक और आर्थिक सहायता की जरूरत है।
जनरल कैटेगरी के गरीबों की अनदेखी पर उठी यह आवाज पूरी तरह जायज़ है। आर्थिक आधार पर सभी जरूरतमंदों को समान हक मिलना ही असली न्याय है।