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Sarvaangeen Krishi Samadhan Foundation का प्रकृति संरक्षण अभियान, मलाही वन क्षेत्र में 175 पौधों का रोपण
मलाही वन क्षेत्र में 175 पौधे रोपे गए
Krishi Samadhan: शिमला जिले के मशोबरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पुजारली (बिओलिया) के मलाही वन क्षेत्र में रविवार को बड़ा वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश वन विभाग के सहयोग से सर्वांगीण कृषि समाधान फाउंडेशन ने “वन महोत्सव–2026” के तहत इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें 175 पौधों का रोपण किया गया।

यह अभियान सिर्फ पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी का मजबूत संदेश भी दिया गया। आयोजन में अलग-अलग संस्थाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर दिखाया कि हरित भविष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता से बनता है।
अभियान का उद्देश्य
Krishi Samadhan: इस वृक्षारोपण अभियान का प्रमुख उद्देश्य वन क्षेत्र को अधिक समृद्ध बनाना और स्थानीय पर्यावरण को मजबूत करना था। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में वन संपदा न केवल जैव विविधता के लिए जरूरी है, बल्कि यह मिट्टी संरक्षण, जलस्रोतों की सुरक्षा और जलवायु संतुलन के लिए भी अहम भूमिका निभाती है।
सर्वांगीण कृषि समाधान फाउंडेशन लंबे समय से किसानों की आय बढ़ाने, योजनाबद्ध कृषि को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है। इस अभियान के जरिए संस्था ने यह संदेश भी दिया कि खेती और पर्यावरण संरक्षण को एक-दूसरे से अलग नहीं देखा जाना चाहिए।
किस-किस ने लिया हिस्सा
Krishi Samadhan: कार्यक्रम में सर्वांगीण कृषि समाधान फाउंडेशन के स्वयंसेवकों के साथ हिमगिरि कल्याण आश्रम के विद्यार्थियों, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों और वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी के सदस्यों ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर पौधे लगाए और इस आयोजन को सामूहिक प्रयास का उदाहरण बना दिया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कार्यक्रम में प्रायोजक के रूप में सहयोग दिया, जबकि संस्था के मुख्य प्रबंधक घनश्याम ठाकुर ने मुख्य अतिथि के तौर पर परिवार सहित पौधारोपण किया। इस तरह बैंकिंग क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन एक मंच पर आए और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सार्वजनिक रूप से मजबूत किया।
स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन
Krishi Samadhan: वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी के स्वयंसेवकों ने सिर्फ पौधारोपण नहीं किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया। उन्होंने प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट इकट्ठा कर उन्हें वैज्ञानिक निस्तारण के लिए संस्था द्वारा संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाने का काम किया।
इस पहल ने यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसे कदम भी उतने ही जरूरी हैं, क्योंकि प्रदूषण कम किए बिना पौधारोपण का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
किसानों के लिए संदेश
Krishi Samadhan: कार्यक्रम के दौरान सर्वांगीण कृषि समाधान फाउंडेशन के निदेशक डी. एन. चौहान ने एक महत्वपूर्ण बात कही कि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान के कारण कई किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने इसे भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता बताया।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने आसपास के वनों में स्थानीय फलदार और चारा प्रजातियों के पौधे लगाएं, ताकि वन्य जीवों को जंगल में ही पर्याप्त भोजन मिल सके और उनका रुख खेतों की ओर कम हो। यह विचार खेती, वन और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है।
बच्चों के लिए सीख
Krishi Samadhan: हिमगिरि कल्याण आश्रम के अध्यक्ष धरम पाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक वृक्ष लगाना हर नागरिक का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
आश्रम के सचिव अनुपम शर्मा ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान बच्चों के लिए एक बेहतरीन व्यावहारिक शिक्षण गतिविधि है। उनके अनुसार, इससे बच्चे केवल किताबों से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव से सीखते हैं कि पौधे, जंगल और स्वच्छता हमारे जीवन के लिए कितने जरूरी हैं।
पर्यावरण संरक्षण का महत्व
Krishi Samadhan: हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में पर्यावरण संरक्षण और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यहां की भौगोलिक परिस्थितियां सीधे वन संरक्षण, जल स्रोतों और भूमि स्थिरता से जुड़ी हैं।

वनों का संरक्षण केवल हरियाली बढ़ाने का काम नहीं है, बल्कि यह भूस्खलन नियंत्रण, वर्षा जल संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने में भी मदद करता है। इसी कारण सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहलें दीर्घकालिक असर डालती हैं।
सामूहिक प्रयास की मिसाल
Krishi Samadhan: यह आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि जब सरकारी विभाग, बैंक, स्कूल, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग मिलकर काम करते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण का संदेश और अधिक प्रभावी हो जाता है। 175 पौधों का रोपण संख्या के लिहाज से छोटा लग सकता है, लेकिन इसका सामाजिक और प्रतीकात्मक महत्व बहुत बड़ा है।
ऐसे कार्यक्रमों से स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ती है और लोग यह समझते हैं कि हर पौधा केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा, छाया, ऑक्सीजन और प्राकृतिक संतुलन का आधार है।
FAQ
Q1. मलाही वन क्षेत्र में कितने पौधे लगाए गए?
A1. कुल 175 पौधों का रोपण किया गया।
Q2. यह कार्यक्रम किसके सहयोग से हुआ?
A2. हिमाचल प्रदेश वन विभाग के सहयोग से सर्वांगीण कृषि समाधान फाउंडेशन ने आयोजन किया।
Q3. इसमें किन-किन लोगों ने भाग लिया?
A3. फाउंडेशन के स्वयंसेवक, हिमगिरि कल्याण आश्रम के विद्यार्थी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी और वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी के सदस्य शामिल हुए।
Q4. स्वच्छता के लिए क्या किया गया?
A4. प्लास्टिक और अन्य कचरा इकट्ठा कर वैज्ञानिक निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भेजा गया।krishisamadhan
निष्कर्ष
Krishi Samadhan: मलाही वन क्षेत्र में हुआ यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक पर्यावरणीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, स्वच्छता और सामूहिक भागीदारी का संदेश भी था। 175 पौधों के रोपण के साथ यह पहल दिखाती है कि जब संस्थाएं और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण को वास्तविक जनआंदोलन में बदला जा सकता है।
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