स्थान: शिमला, हिमाचल प्रदेश | तारीख: 20 अप्रैल 2026 | लेखक: शिमला खबर डेस्क
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते वित्तीय संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Himachal Salary Deferment Scheme 2026 के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन का एक हिस्सा छह महीने के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला 2026-27 के बजट में घोषित किया गया था और अब इसे आधिकारिक अधिसूचना जारी कर लागू कर दिया गया है। आइए Shimla Khabar पर विस्तार से जानते हैं कि क्यों यह कदम उठाना पड़ा और इससे किसे कितना फर्क पड़ेगा।
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क्यों उठाना पड़ा यह कठोर कदम?
सरकार के एक बयान के अनुसार, प्रदेश इस समय असाधारण वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है 16वें वित्त आयोग का फैसला। आयोग ने केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant – RDG) बंद करने की सिफारिश की है।
- 8000 करोड़ का झटका: हिमाचल प्रदेश को पारंपरिक रूप से RDG के रूप में हर साल करीब 8000 करोड़ रुपये मिलते थे। यह राशि पहाड़ी राज्य की सीमित राजस्व क्षमता को देखते हुए दी जाती थी।
- बंद हुआ अनुदान: 16वें वित्त आयोग ने अब इस प्रथा को बंद करते हुए कहा है कि राज्यों को केंद्रीय सहायता पर निर्भरता कम करनी चाहिए।
- बजट में कटौती: इस वजह से 2026-27 के बजट में पिछले साल की तुलना में लगभग 3600 करोड़ रुपये की कटौती करनी पड़ी।
- पुरानी पेंशन (OPS) का बोझ: वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी स्थिर देनदारियों के कारण राज्य के पास नए विकास के लिए बहुत कम “फिस्कल स्पेस” बचता है।
स्थगन योजना की टायर्ड स्ट्रक्चर – किसे कितना कटेगा?
19 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, Himachal Salary Deferment Scheme 2026 के तहत वेतन स्थगन का ढांचा इस प्रकार है:
| पद (Position) | स्थगन का प्रतिशत |
|---|---|
| मुख्यमंत्री (Chief Minister) | 50% |
| उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष/उपाध्यक्ष | 30% |
| अन्य सभी विधायक (MLAs) | 20% |
सीएम सुक्खू ने विधायकों से भी कम सैलरी लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री को अब मई में केवल 1.70 लाख रुपये वेतन मिलेगा, जबकि मंत्रियों को 2.24 लाख और विधायकों को 2.36 लाख रुपये प्रति माह मिलेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों पर क्या असर?
Himachal Salary Deferment Scheme 2026 के तहत वरिष्ठ नौकरशाहों और अधिकारियों पर भी यह कटौती लागू होगी:
| अधिकारियों का स्तर | स्थगन का प्रतिशत |
|---|---|
| मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, DGP, अपर DGP, PCCF | 30% |
| सचिव, विभागाध्यक्ष, IG, DIG, SSP/SP, CCF, DFO तक के अधिकारी | 20% |
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कटौटी IAS, IPS, HAS अधिकारियों पर भी लागू होगी।
क्या वापस भी हुआ कोई फैसला?
शुरू में सरकार ने प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के वेतन में 3% की कटौती करने का फैसला किया था। हालांकि, हिमाचल दिवस (15 अप्रैल) के अवसर पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस फैसले को वापस लेने की घोषणा कर दी। साथ ही, 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित भुगतान (ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट) को मई तक निपटाने का भी आश्वासन दिया गया।
क्या यह कटौती है या स्थगन? पैसे वापस मिलेंगे?
सरकार ने साफ किया है कि यह स्थगन (Deferment) है, न कि स्थायी कटौती (Permanent Deduction)。 जब राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, तो रोका गया वेतन वापस कर दिया जाएगा。 अधिकारियों को राहत देने के लिए, हाउसिंग लोन या कार लोन चुकाने वालों के लिए यह प्रावधान भी है कि उनकी ईएमआई काटने के बाद ही वेतन स्थगन लागू होगा।
वेतन स्लिप में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, देय और स्थगित दोनों हिस्सों को अलग-अलग दिखाया जाएगा। हालांकि, इनकम टैक्स और अन्य स्टैच्युटरी कटौतियाँ पूरे वेतन पर ही लगाई जाएंगी।
एक नज़र में सभी प्रमुख बिंदु (टेबल)
| श्रेणी | स्थगन (%) | अतिरिक्त जानकारी |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री | 50% | मई में 1.70 लाख वेतन मिलेगा |
| मंत्री / अध्यक्ष / उपाध्यक्ष | 30% | 2.24 लाख प्रति माह वेतन |
| विधायक | 20% | 2.36 लाख प्रति माह वेतन |
| वरिष्ठ नौकरशाह (मुख्य सचिव, DGP आदि) | 30% | 30% वेतन रोका जाएगा |
| मध्यम स्तर के अधिकारी (सचिव, SP, DFO) | 20% | स्थगन लागू |
| प्रथम व द्वितीय श्रेणी अधिकारी (3% कटौती) | वापस | हिमाचल दिवस पर यह फैसला वापस लिया गया |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Himachal Salary Deferment Scheme 2026)
1. Himachal Salary Deferment Scheme 2026 के तहत सीएम सुक्खू की सैलरी में कितनी कटौती होगी?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सैलरी का 50% हिस्सा अगले छह महीनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
2. क्या विधायकों की सैलरी भी कटेगी?
हाँ, सभी विधायकों की सैलरी का 20% हिस्सा छह महीने के लिए स्थगित रहेगा।
3. क्या वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी में भी कटौती हुई है?
हाँ, मुख्य सचिव, DGP जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी का 30%, और सचिव, SP, DFO स्तर के अधिकारियों का 20% वेतन स्थगित किया गया है।
4. क्या प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों की सैलरी कटेगी?
नहीं, मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल दिवस पर इन अधिकारियों के लिए 3% वेतन स्थगन का फैसला वापस ले लिया।
5. क्या रोका गया पैसा वापस मिलेगा?
हाँ, यह स्थायी कटौती नहीं है। जब राज्य की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, तो रोका गया वेतन वापस कर दिया जाएगा।
6. सरकार को इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा?
16वें वित्त आयोग ने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद कर दिया है, जिससे प्रदेश को सालाना 8000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। अधिक जानकारी के लिए (External Link: वित्त आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट – External Link) देखें।
निष्कर्ष
Himachal Salary Deferment Scheme 2026 प्रदेश के सामने खड़े गहरे वित्तीय संकट को दर्शाती है। केंद्र सरकार द्वारा 8000 करोड़ रुपये का अनुदान रोकने के बाद, राज्य सरकार ने खर्चों पर नियंत्रण के लिए यह कठोर कदम उठाया है। हालांकि, यह कटौती स्थायी नहीं है और भविष्य में रोका गया वेतन वापस करने का वादा किया गया है। Shimla Khabar आपको इसी तरह के Shimla News और Himachal News से अपडेट रखेगा।
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